UPNews: उत्तर प्रदेश की राजनीति में ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का नारा इन दिनों जोरशोर से सुनाई दे रहा है। इसी कड़ी में फिरोजाबाद के सिरसागंज विधानसभा के डाडियामई गांव में समाजवादी पार्टी की ओर से आयोजित ‘PDA पाठशाला’ अचानक विवादों का केंद्र बन गई।
कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शिवराज सिंह यादव ने मंच से ऐसा बयान दे दिया, जिसने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी। उन्होंने कहा, “हम हिंदू नहीं हैं, हम यादव हैं।” इस बयान को हिंदुत्व और जातिगत पहचान पर नई बहस के रूप में देखा जा रहा है।
शिवराज ने अपने संबोधन में मनुस्मृति और परंपरागत जातिगत प्रथाओं पर भी कटाक्ष किया। उनका कहना था कि इंसान मां की कोख से जन्म लेता है, न कि किसी काल्पनिक वर्ण व्यवस्था से। उन्होंने वर्णों के पुराने विभाजन पर तंज कसते हुए कहा कि जो मुंह से पैदा हुए उन्हें ब्राह्मण, जो भुजाओं से जन्मे उन्हें क्षत्रिय, और जो सीने से आए उन्हें वैश्य कहा गया। लेकिन हम सभी शूद्र के रूप में मां की कोख से आए हैं।
जिलाध्यक्ष के इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई बहस को जन्म दिया। कुछ लोग इसे जातिगत पहचान को प्रमुखता देने वाला कदम मान रहे हैं, तो कुछ इसे हिंदुत्व और धर्मशास्त्र को चुनौती देने वाला बयान बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनका भाषण तेजी से वायरल हो रहा है, और जनता की राय भी अलग-अलग है।
इस घटना ने फिरोजाबाद की राजनीति को एक बार फिर राष्ट्रीय और स्थानीय मीडिया की निगाह में ला दिया। अब यह साफ है कि PDA का नारा केवल राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक पहचान और बहस का भी प्रतीक बन गया है।














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