Sitapur Mahapanchayat: यूपी के जिले सीतापुर में सोमवार को आयोजित किसान हुंकार महापंचायत में उस वक्त माहौल गर्म हो गया, जब भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ताराकेश टिकैत ने भारत–अमेरिका कृषि व्यापार समझौते को किसानों के हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर विदेशों से सस्ता अनाज और कृषि उत्पाद बिना ज्यादा टैक्स के भारत आएंगे, तो देश के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
टिकैत ने कहा कि पहले खाद्यान्न पर लगभग 300 प्रतिशत तक ड्यूटी लगाई जाती थी, जिससे किसानों को सुरक्षा मिलती थी। लेकिन अब ऐसी नीतियों को कमजोर किया जा रहा है। उनका कहना था कि अगर आयात बढ़ा और स्थानीय उत्पादों की कीमत गिरी, तो छोटे किसान और दुकानदार दोनों संकट में आ जाएंगे। “किसान अपनी जमीन बेचने को मजबूर होगा और बड़े उद्योगपति कृषि क्षेत्र पर कब्जा कर लेंगे,” उन्होंने चेतावनी दी।
हालांकि महापंचायत के दौरान एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। कार्यक्रम स्थल पर कई कुर्सियां खाली नजर आईं, जिसे देखकर टिकैत नाराज हो गए। उन्होंने मंच से उतरकर किसानों के बीच बैठना पसंद किया और आयोजकों को बेहतर तैयारी की नसीहत दी। उन्होंने किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मयंक सिंह को संगठन मजबूत करने और गांव-गांव किसानों को जोड़ने पर जोर देने की सलाह दी।
महापंचायत में मौजूद किसानों ने टिकैत के विचारों का समर्थन किया और कृषि से जुड़े मुद्दों पर एकजुट रहने का संकल्प दोहराया। सीतापुर की यह महापंचायत न केवल कृषि नीतियों पर बहस का मंच बनी, बल्कि संगठनात्मक मजबूती और किसानों की एकजुटता का संदेश भी दे गई।
राजनीतिक और कृषि हलकों में अब टिकैत के बयानों की चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में भारत–अमेरिका कृषि व्यापार समझौते पर बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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