Barabanki Kisan Mahapanchayat : यूपी के बाराबंकी तहसील फतेहपुर में मंगलवार को तहसील क्षेत्र के दादनपुर चौराहे के पास भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) द्वारा किसान-मजदूर स्वाभिमान महापंचायत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
सभा स्थल पर पहुँचते ही टिकैत ने संगठन के समर्पित कार्यकर्ता सरदार सरमैल सिंह गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने करीब तीन किलोमीटर लंबे ट्रैक्टर मार्च का नेतृत्व किया, जो जरखा पुल से सभा स्थल तक निकाला गया। रास्ते में किसानों ने उनका जोरदार स्वागत किया और मंच पर हल व गदा भेंट कर सम्मानित किया।
बजट और खरीद केंद्रों पर सवाल
महापंचायत को संबोधित करते हुए टिकैत ने केंद्र सरकार के बजट पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों के लिए कोई ठोस प्रावधान नजर नहीं आता। यदि घोषणाएं की भी गई हैं तो उनकी सख्त निगरानी जरूरी है, ताकि वास्तविक लाभ किसानों तक पहुँचे। धान और गेहूं खरीद को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि खरीद केंद्र समय से पहले बंद किए जा रहे हैं। किसानों का अनाज नहीं खरीदा जा रहा, जबकि व्यापारियों का माल तौला जा रहा है। भुगतान में भी देरी हो रही है, जिससे किसान आर्थिक संकट झेल रहे हैं।
ट्रेड डील और आंदोलन की चेतावनी
टिकैत ने केंद्र सरकार और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को किसान विरोधी बताया। उनका कहना था कि यदि विदेशी कृषि उत्पाद और दूध भारत में आएंगे तो देश के किसान और दुग्ध उत्पादक प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते विरोध नहीं हुआ तो किसान और दुग्ध व्यवसायी बर्बाद हो सकते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विदेशों से मीट आयात होने से धार्मिक भावनाएं आहत होंगी। सरकार पर पूंजीवादी सोच अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आंदोलन करने वालों पर मुकदमे दर्ज कर दबाव बनाया जाता है।
यूजीसी बिल और स्थानीय मांगें
यूजीसी बिल पर प्रतिक्रिया देते हुए टिकैत ने कहा कि इसकी न तो आवश्यकता थी और न ही इसकी मांग की गई थी। सरकार अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही है। महापंचायत के बाद किसानों की विभिन्न मांगों से जुड़ा 20 सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए एसडीएम कार्तिकेय सिंह को सौंपा गया। इसमें आलू प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना, न्याय पंचायत स्तर पर धान-गेहूं क्रय केंद्र खोलने, बुढ़वल चीनी मिल चालू करने, फतेहपुर में मंडी निर्माण और कोरोना काल से बंद पैसेंजर ट्रेनों के संचालन की मांग शामिल रही।
सभा में संगठन के कई राष्ट्रीय व प्रदेश पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि अधिकारों की रक्षा के लिए गांव-गांव संगठन मजबूत करना और संघर्ष के लिए तैयार रहना ही आगे का रास्ता है.
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