LucknewNews: लखनऊ के गोमती नगर क्षेत्र से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। सेक्टर-05 पावर हाउस क्षेत्र स्थित बिहारी लाल महेश प्रसाद इंटर कॉलेज के पास कथित रूप से नियमों को दरकिनार कर अवैध तरीके से बिजली मीटर शिफ्ट किए जाने का आरोप है। इस पूरे प्रकरण में विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है।
मामले के अनुसार, एक उपभोक्ता ने अवर अभियंता और एक संविदाकर्मी की मदद से बिना विभागीय अनुमति के मीटर को एक परिसर से दूसरे परिसर में स्थानांतरित करा लिया। हैरानी की बात यह है कि इस अवैध कार्य का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उपभोक्ता खुद यह स्वीकार करता नजर आ रहा है कि मीटर शिफ्टिंग नियमों के विपरीत कराई गई। जबकि विभागीय नियम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि किसी भी मीटर को एक परिसर से दूसरे परिसर में स्थानांतरित नहीं किया जा सकता।
आरोप है कि इस कार्य को अंजाम देने के लिए संविदाकर्मी ने न केवल शटडाउन लिया, बल्कि ट्रांसफार्मर से केबल काटकर मीटर को दूसरे स्थान पर स्थापित कर दिया। इस दौरान विभाग को होने वाले संभावित राजस्व नुकसान की पूरी तरह अनदेखी की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कथित रूप से पैसों के लेन-देन के चलते इस अवैध काम को अंजाम दिया गया।
सबसे गंभीर बात यह है कि इस पूरे मामले की जानकारी अवर अभियंता को होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे उनकी भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। वहीं, मौके पर ड्यूटी पर तैनात एसएसओ (सब-स्टेशन ऑपरेटर) की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि इतनी बड़ी प्रक्रिया उनके संज्ञान के बिना संभव नहीं मानी जा रही।
स्थानीय नागरिकों और उपभोक्ताओं में इस घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह विभागीय भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगा और सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाएगा।
अब मांग उठ रही है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय हो सके। जानकारों का मानना है कि यदि जांच पारदर्शी तरीके से हुई, तो इस प्रकरण में कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
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