Barabanki News: उत्तर प्रदेश के जनपद बाराबंकी के बंकी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम माती में ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गांव के लोगों ने शमशान घाट और कब्रिस्तान की मांग उठाई है, लेकिन इसके साथ ही एक और गंभीर समस्या सामने आई है, जो ग्रामीणों की जान-माल के लिए खतरा बनी हुई है।
ग्राम माती में सड़क के दोनों ओर खुले तालाब मौजूद हैं। इन तालाबों के चारों तरफ न तो बाउंड्री वॉल है और न ही सुरक्षा के लिए जाली लगाई गई है। ऐसे में राहगीरों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए हर समय हादसे का डर बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय या बरसात में हालात और भी खतरनाक हो जाते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में करीब चार तालाब हैं और सभी तालाब इसी तरह खुले पड़े हैं। खास बात यह है कि ये तालाब मुख्य सड़क के दोनों ओर स्थित हैं, जिससे आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
जब इस संबंध में ग्राम प्रधान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत को इसके लिए कोई अलग बजट नहीं मिला है। प्रधान के अनुसार, गांव के सिर्फ एक तालाब का सौंदर्यीकरण अमृत सरोवर योजना के तहत कराया गया है, जबकि बाकी सभी तालाब आज भी खुले हुए हैं।
ग्राम प्रधान का यह भी कहना है कि सिर्फ ग्राम माती ही नहीं, बल्कि इस ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले अन्य गांवों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है।
अब सवाल यह उठता है कि
क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
कब ग्रामीणों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा?
और कब प्रशासन इन समस्याओं पर गंभीरता से संज्ञान लेगा?
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द
✔️ तालाबों की बाउंड्री या जाली लगवाई जाए,
✔️ शमशान घाट और कब्रिस्तान की व्यवस्था की जाए,
ताकि गांव के लोग सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन जनता की इस समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है, या फिर ये आवाज़ भी फाइलों में ही दबकर रह जाएगी।














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