Lucknow News: राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नशा‑मुक्त समाज और नशा‑मुक्त युवा के संकल्प पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, राजधानी के रिहायशी और शैक्षणिक इलाकों के आसपास अवैध गांजे का कारोबार कथित रूप से खुलेआम चल रहा है। यह मामला केवल कानून‑व्यवस्था का नहीं, बल्कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और समाज की सेहत का भी गंभीर विषय है।
सूत्र बताते हैं कि लखनऊ के लौलाई क्षेत्र स्थित काशीराम कॉलोनी के आसपास एक कथित गांजा कारोबारी मनोज रावत सक्रिय है। यह अवैध कारोबार कथित रूप से स्थानीय चौकी और थाने के संरक्षण में फल-फूल रहा है। जानकारी के अनुसार, यह सप्लाई न केवल आसपास के इलाकों बल्कि पास के जिलों तक भी फैल रही है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि राजधानी के प्रमुख शिक्षण संस्थान, एमिटी यूनिवर्सिटी कैंपस के आसपास कम से कम 10 से अधिक पान‑मसाला की दुकानों की आड़ में नशीली सामग्री का कारोबार हो रहा है। वीडियो फुटेज में देखा गया है कि एक युवक बिना किसी प्रशासनिक डर के खुलेआम नशीली सामग्री बेच रहा है। सूत्रों का दावा है कि पूछताछ में उसने कथित रूप से कहा: “25,000 रुपये महीना चौकी इंचार्ज को देता हूँ, किसी की हिम्मत हो तो बंद कर दिखाओ।” हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ताजा मामला थाना चिनहट क्षेत्र में सामने आया है, जहां युवाओं को अवैध नशे की सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है और उन्हें इसकी लत की ओर धकेला जा रहा है। यह न सिर्फ कानून‑व्यवस्था का सवाल है, बल्कि देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब सरकार नशा‑मुक्त भारत के लिए अभियान चला रही है, तो इस तरह की गतिविधियों पर तुरंत नियंत्रण की आवश्यकता है। जागरूक नागरिक और सक्रिय प्रशासन ही इस समस्या का समाधान कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नशा‑मुक्त समाज और नशा‑मुक्त युवा अभियान खतरे में है। यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम अपने युवाओं और समाज को नशे से बचाएं। यदि आपके इलाके में ऐसी गतिविधि देखी जाए, तो तुरंत प्रशासन को इसकी सूचना दें। याद रखिए – जागरूक समाज ही सुरक्षित समाज है.
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