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Lakhimpur News:सरकारी सिस्टम की पोल खुली! UPPTCL कर्मी की मेडिकल फाइल 2 साल से लापता

UPPTCL मेडिकल प्रतिपूर्ति

Lakhimpur News: उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPTCL) के अधिशासी अभियंता कार्यालय, विद्युत पारेषण खंड–सीतापुर डिवीजन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने सरकारी तंत्र की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह मामला एक ऐसे कार्मिक से जुड़ा है, जिसे पिछले दो वर्षों से चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) का भुगतान नहीं किया गया है। हैरानी की बात यह है कि संबंधित कार्मिक द्वारा विभागीय स्तर पर लगातार पत्राचार किए जाने के बावजूद भी अब तक उसे उसका वैध भुगतान नहीं मिल सका है।

सूत्रों के अनुसार, चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़ी फाइलें सीएमओ कार्यालय, शक्ति भवन और शक्ति भवन में चिकित्सा प्रतिपूर्ति देखने वाले बाबुओं व उपसचिव स्तर तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद मामला आज तक लंबित पड़ा है। सवाल यह उठता है कि आखिर फाइल कहां अटकी है और जिम्मेदार कौन है?

यह मामला इसलिए भी गंभीर हो जाता है क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी पटल पर तीन दिन से अधिक और अधिकतम एक सप्ताह से ज्यादा कोई भी पत्रावली लंबित नहीं रहनी चाहिए। इसके बावजूद चिकित्सा प्रतिपूर्ति जैसे संवेदनशील मामलों में दो वर्षों तक लापरवाही सामने आना चौंकाने वाला है।

कार्मिकों का कहना है कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति कोई अनुग्रह नहीं बल्कि उनका वैधानिक अधिकार है। समय पर भुगतान न होने से न सिर्फ आर्थिक संकट पैदा होता है, बल्कि कर्मचारियों और उनके परिवारों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है।

यह मामला एक अकेले कर्मचारी का नहीं, बल्कि पूरे सरकारी सिस्टम की जवाबदेही का प्रतीक बनता जा रहा है। यदि ऐसे मामलों में भी समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती, तो सरकारी आदेशों और दावों की साख पर सवाल उठना लाज़मी है।

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