LucknowNews:लखनऊ के हुसैनाबाद क्षेत्र में स्थित फूड कोर्ट एक बार फिर आम जनता के लिए खोल दिया गया है। लंबे समय से बंद पड़े इस फूड कोर्ट पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा की गई अस्थायी सीलिंग की कार्रवाई को अब हटा लिया गया है। यह कार्रवाई बकाया लीज और टैक्स राशि जमा न किए जाने के कारण की गई थी।
जानकारी के अनुसार, फूड कोर्ट के संचालन से जुड़ी संस्था पर एलडीए की ओर से करीब 1.15 करोड़ रुपये की बकाया राशि थी। एलडीए द्वारा कराई गई जांच में सामने आया कि अब तक केवल 22.50 लाख रुपये ही जमा किए गए थे, जबकि लगभग 93 लाख रुपये की राशि बकाया बनी हुई थी। इस गंभीर वित्तीय अनियमितता को देखते हुए एलडीए ने सख्त कदम उठाते हुए फूड कोर्ट को सील कर दिया था।
एलडीए के उपाध्यक्ष द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान फूड कोर्ट के संचालन में कई तरह की वित्तीय गड़बड़ियों का खुलासा हुआ। जांच रिपोर्ट के आधार पर एलडीए ने संचालक संस्था को नोटिस जारी कर बकाया राशि जल्द जमा करने के निर्देश दिए थे। नोटिस के बावजूद समय पर भुगतान न होने के कारण प्राधिकरण को सीलिंग की कार्रवाई करनी पड़ी।
हाल ही में संचालक संस्था द्वारा बकाया लीज की 57 लाख रुपये की राशि एलडीए में जमा कराई गई, जिसके बाद प्राधिकरण ने फूड कोर्ट से अस्थायी सील हटा ली। एलडीए अधिकारियों का कहना है कि बकाया राशि जमा होने के बाद ही फूड कोर्ट को दोबारा खोलने की अनुमति दी गई है।
फूड कोर्ट के दोबारा खुलने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिली है। हुसैनाबाद क्षेत्र ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में लोग घूमने आते हैं। फूड कोर्ट बंद होने से न केवल लोगों को असुविधा हो रही थी, बल्कि स्थानीय व्यापार भी प्रभावित हो रहा था।
एलडीए ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, फूड कोर्ट के संचालन पर लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके।
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