UPNews: अयोध्या जेल से दो कैदियों की फरारी के बाद उत्तर प्रदेश जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। इस बीच, डीजी जेल पीसी मीणा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जेल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और कई सख्त निर्देश जारी किए।
बैठक के दौरान डीजी जेल ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि हर अधिकारी का व्यक्तिगत उत्तरदायित्व तय किया जाएगा, और किसी भी लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
डीजी जेल ने विशेष रूप से रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इसके तहत जेलों में चौकसी बढ़ाने, पहरेदारों की संख्या सुनिश्चित करने और नियमित तौर पर निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि लॉकिंग के समय बंदियों की पूरी तलाशी अनिवार्य होगी ताकि किसी भी तरह की छुपी हुई सामग्री या फरारी की कोशिशों को रोका जा सके।
सुरक्षा उपकरणों की जांच और कार्यशीलता पर भी जोर दिया गया। डीजी जेल ने निर्देश दिए कि सभी निगरानी कैमरे, ध्वनि और अलार्म सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक ताले तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच की जाए और किसी भी तकनीकी खराबी की तुरंत मरम्मत कराई जाए।
इस बैठक में जेल प्रशासन के अधिकारियों को यह भी हिदायत दी गई कि अब कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। डीजी जेल ने अधिकारियों से अपील की कि वे न केवल नियमों का पालन करें, बल्कि जेल में अनुशासन बनाए रखने और सुरक्षा मानकों को कड़ा करने में भी पूरी जिम्मेदारी निभाएं।
जेल प्रशासन का यह कदम ऐसे समय में आया है जब अयोध्या जेल से दो कैदियों की फरारी ने सुरक्षा में कमियों को उजागर किया। डीजी जेल की सख्त कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक न हो और जेल परिसर पूर्णतया सुरक्षित रहे।
इस समीक्षा बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तर प्रदेश जेल प्रशासन सुरक्षा और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। अधिकारी अब और अधिक सतर्क रहेंगे और सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करेंगे, ताकि जेल परिसर में कोई भी अनियमितता या सुरक्षा उल्लंघन न हो।
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