Advertisement
दिल्ली बंदर भर्ती”, “मंकी मैन नौकरी”

New Delhi: दिल्ली में बंदरों की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए अब प्रशासन ने एक नया और अनोखा कदम उठाया है। राजधानी में बंदरों को भगाने के लिए लोगों की भर्ती की जाएगी, जो लंगूर की आवाज की नकल कर बंदरों को दूर भगाएंगे। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने आधिकारिक रूप से टेंडर जारी कर दिया है।

दरअसल, दिल्ली विधानसभा परिसर समेत कई सरकारी इलाकों में बंदरों की मौजूदगी लंबे समय से एक गंभीर समस्या बनी हुई है। बंदर न केवल इमारतों, तारों और डिश एंटीना को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि कर्मचारियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन जाते हैं। कई बार बंदरों के कारण कामकाज में बाधा भी उत्पन्न होती है।

PWD द्वारा जारी टेंडर के अनुसार, लंगूर जैसी आवाज निकालने में प्रशिक्षित लोगों को तैनात किया जाएगा। ये कर्मी प्रतिदिन 8 घंटे की शिफ्ट में काम करेंगे और लंगूर की आवाज की नकल कर बंदरों को डराकर परिसर से बाहर भगाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह तरीका पूरी तरह मानवीय है, क्योंकि इसमें बंदरों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।

प्रशासन का कहना है कि इससे पहले भी बंदरों की समस्या से निपटने के लिए लंगूरों के कटआउट और पुतलों का इस्तेमाल किया गया था, खासकर वर्ष 2023 में आयोजित जी-20 समिट के दौरान। हालांकि समय के साथ बंदर इन पुतलों के अभ्यस्त हो गए और उनसे डरना बंद कर दिया। कई जगहों पर बंदर पुतलों के ऊपर बैठते भी देखे गए, जिससे यह तरीका प्रभावी नहीं रह गया।

इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए अब प्रशासन ने पुतलों की जगह वास्तविक लोगों की तैनाती का फैसला किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंगूर की आवाज की नकल करने वाले प्रशिक्षित कर्मी बंदरों को प्राकृतिक तरीके से दूर रखने में ज्यादा कारगर साबित हो सकते हैं।

PWD अधिकारियों के अनुसार, तैनात किए जाने वाले कर्मियों के लिए सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्हें आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे और बीमा कवरेज की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके साथ ही, उनकी कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी भी की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि काम सुचारु और सुरक्षित तरीके से हो।

प्रशासन को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से दिल्ली में बंदरों की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा और सरकारी परिसरों में सुरक्षा और व्यवस्था बेहतर होगी। दिलचस्प बात यह है कि यह तरीका पूरी तरह मानवीय माना जा रहा है, क्योंकि इसमें बंदरों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। साथ ही, तैनात किए जाने वाले कर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी खास इंतजाम किए जाएंगे।

Read also:Lucknow News: निजामपुर में सरकारी व्यवस्था हुई बदहाली का शिकार, दो साल से कूड़े में पड़ा सरकारी नल