LucknowNews: राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद वन रेंज अंतर्गत वन चौकी रहीमाबाद क्षेत्र में अवैध वृक्ष कटान का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि वन अधिकारियों की मिलीभगत से लकड़हारों के हौसले बुलंद हैं और हरे-भरे फलदाई पेड़ों को बेखौफ काटा जा रहा है।
मामला ग्राम पंचायत तिलन गांव का है, जहां हरे-भरे फलदाई आम की बाग में ठेकेदार यादव नामक व्यक्ति द्वारा आरा चलवाए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। जानकारी के अनुसार बीती रात 18 आम के पेड़ काट दिए गए, जिससे क्षेत्र की हरियाली को भारी नुकसान पहुंचा है। हैरानी की बात यह है कि अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह कटान बिना किसी वैध परमिट के किया गया। जब इस संबंध में वन चौकी रहीमाबाद पर तैनात वन दरोगा मोहम्मद ताहिर से बात की गई तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि “लोकेशन बताइए, कहां कटान हुआ है, साथ में चलकर दिखाइए।” ग्रामीणों और स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि जिस क्षेत्र की निगरानी की जिम्मेदारी वन विभाग की है, वहां कटान की जानकारी मांगना कर्तव्यों से बचने जैसा प्रतीत होता है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कटान से कुछ दिन पहले वन विभाग के दरोगा मौके पर आए थे, और उनके निरीक्षण के दो दिन बाद ही बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई कर दी गई। इससे वन विभाग की भूमिका पर संदेह और गहरा हो गया है।
वन दरोगा पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि न तो पुलिस विभाग और न ही उड़न दस्ता इस प्रकार के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगा पा रहा है। वहीं दूसरी ओर, आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि वन दरोगा मोहम्मद ताहिर की कार्यप्रणाली से रेंजर आलोक कुमार तिवारी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है।
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो तथा भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
READALSO: Sitapur News: कांग्रेस सांसद का बड़ा बयान! कहा -राजनीति को खेल में न घसीटें














Leave a Reply