Magh Mela 2026:प्रयागराज के माघ मेले की दुनिया में इस बार सिर्फ श्रद्धालु ही नहीं बल्कि कुछ ऐसे बाबा भी चर्चा में हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया और जनता दोनों का ध्यान खींचा है। हॉट टॉपिक बने हैं – सतुआ बाबा और ‘गूगल गोल्डन बाबा’, जिनकी भव्य लाइफस्टाइल ने माघ मेले को सुर्खियों में ला दिया है।
सतुआ बाबा के आलीशान पंडाल, महंगी गाड़ियां और सेलिब्रिटी फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। उनके पास लैंड रोवर, डिफेंडर और करोड़ों की पोर्श कारें हैं। यह भव्यता लोगों के लिए आकर्षण के साथ सवाल भी खड़ा कर रही है – क्या आज का संत समाज सिर्फ दिखावे और वैभव का प्रतीक बन गया है?
वहीं, मौनी बाबा का कहना है कि संत समाज का असली स्वरूप है – त्याग, तपस्या और सेवा। उनका मानना है कि संत का जीवन उतना ही होना चाहिए जितना जरूरी है। भोजन, वस्त्र और आवास – बस उतना ही, और बाकी दुनिया की भावनाओं का सम्मान करना हमारी जिम्मेदारी है। मौनी बाबा के अनुसार, असली संत वही हैं जो साधारण जीवन जीते हैं और भव्यता नहीं दिखाते।
लेकिन माघ मेले के सबसे चर्चित बाबा हैं – ‘गूगल गोल्डन बाबा’। कानपुर के मनोज आनंद उर्फ गोल्डन बाबा सिर से पांव तक 5 करोड़ रुपये के सोने और चांदी के आभूषण पहनते हैं। हाथ में सोने का लड्डू गोपाल, चांदी के बर्तन में भोजन और चांदी का मुकुट जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर लगी है। उनका कहना है कि ये गहने केवल शो के लिए नहीं बल्कि उनके कठोर संकल्प का प्रतीक हैं – ‘जब तक योगी आदित्यनाथ देश के प्रधानमंत्री नहीं बन जाते, मैं चप्पल नहीं पहनूंगा।’
गोल्डन बाबा 20 साल से इसी भव्य वेशभूषा में रहते हैं। पहले 5 लाख की चांदी की चप्पल पहनते थे, अब नंगे पैर। इस झिलमिलाहट और सोशल मीडिया की तस्वीरों ने माघ मेले को इस साल ट्रेंडिंग टॉपिक बना दिया है।आज के साधु वही हैं जो वैभव और दिखावे में रहते हैं, या मौनी बाबा जैसी तपस्वी परंपरा अभी भी समाज को असली धर्म और संतत्व सिखाती है?
मौनी बाबा बताते हैं कि पहले के साधु रेती में लौटते थे। धुनि पर तपस्या करते थे सूखी रोटी खाते और भजन करते थे। लेकिन अब वही लोग ‘सुपरहिट’ हैं जिनके पास सोने-चांदी, महंगी गाड़ियां और नेता-मित्रता है। यह बदलाव माघ मेले 2026 में साफ दिखाई दे रहा है।














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