Ambedkarnagar News: अंबेडकरनगर जिले से एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसमें बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़े कुछ अधिकारियों/मैनेजरों पर मजदूरी शोषण, भ्रष्टाचार और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित का कहना है कि बीते एक साल से आजमगढ़ बस्ती, अंबेडकरनगर और सिद्धार्थनगर क्षेत्रों में चार युवकों से लगातार दौड़ा-दौड़ाकर बैंक से जुड़े काम करवाए जा रहे हैं।
आरोप है कि इन युवकों से नियमित रूप से काम तो लिया गया, लेकिन इसके बदले उन्हें कोई तय मेहनताना नहीं दिया गया। जब मजदूरी की मांग की जाती है तो भीख के रूप में 200 या 500 रुपये पकड़ा दिए जाते हैं, जिससे पीड़ितों का मानसिक और आर्थिक शोषण हो रहा है।
पीड़ित ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय की IGRS प्रणाली के माध्यम से कर दी है। उनका कहना है कि यदि सोमवार तक पूरे काम का हिसाब और भुगतान नहीं किया गया, तो वे अपने साथियों के साथ मिलकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस दौरान उनके पास मौजूद रिकॉर्डिंग, विजिट साइट की तस्वीरें, बैंक द्वारा कराए गए सभी कार्यों की सूची सार्वजनिक की जाएगी।
पीड़ित का यह भी आरोप है कि उनके पास बैंक मैनेजरों से जुड़े भ्रष्टाचार की ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है, जिसमें कई लोगों से पैसा लेकर या तो अधिकारी फरार हो गए या फिर अपना स्थानांतरण करवा लिया। इन सबूतों के सामने आने के डर से उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
पीड़ित का कहना है कि वे न्याय की लड़ाई अकेले नहीं, बल्कि समाज और मीडिया के सहयोग से लड़ना चाहते हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि जब देश के बड़े सरकारी बैंक में इस तरह से गरीब और बेरोजगार युवाओं का शोषण हो रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
अब यह मामला प्रशासन, बैंक प्रबंधन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जरूरत है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ितों को उनका हक और सुरक्षा दोनों मिले।














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