Lucknownews: लखनऊ के थाना सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र के नरहर खेड़ा गांव में 15 जनवरी को जमीनी विवाद ने खूनी रूप ले लिया। पीड़ित पक्ष के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन विपक्षियों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत उनके घर में घुसकर जानलेवा हमला किया। इस हमले में एक महिला समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पीड़ितों का कहना है कि विवाद उनकी जमीन पर ट्रैक्टर खड़ा करने को लेकर शुरू हुआ था। इसके बाद विपक्षियों ने साजिश रचकर हमला किया, जिससे परिवार में दहशत का माहौल बन गया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने संबंधित थाना में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। हालांकि, उनका आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर मामले में हल्की धाराओं में मामला दर्ज किया, जिससे न्याय मिलने में देरी हो रही है।
वहीं, पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद किसी भी अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्हें न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोग भी इस घटना को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि ऐसे मामले सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर संकेत हैं। जमीनी विवाद अक्सर छोटे से बहस से शुरू होते हैं, लेकिन कभी-कभी यह हिंसा में बदल जाता है।नगर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करनी होगी। पीड़ित परिवार की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है।
यह मामला न केवल नरहर खेड़ा गांव, बल्कि पूरे लखनऊ में जमीनी विवाद और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। न्याय मिलने तक पीड़ित पक्ष का संघर्ष जारी रहेगा और प्रशासन से तेज़ कार्रवाई की उम्मीद है।














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