Lucknow News : लखनऊ विश्वविद्यालय में अपनी मांगों को लेकर पिछले 37 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे छात्रों के आंदोलन को अब बड़ा समर्थन मिल गया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा परिषद ने इस आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त करते हुए छात्रों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।
बुधवार को परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव और राष्ट्रीय महासचिव डॉ. रेहान अहमद अपने संगठन के अन्य पदाधिकारियों के साथ अनशन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने अनशन कर रहे छात्रों से मुलाकात की, उनका हाल-चाल जाना और उनकी मांगों को विस्तार से सुना। इस दौरान परिषद के प्रतिनिधियों ने छात्रों के साथ खड़े होने की बात कही और उन्हें आश्वस्त किया कि उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
लगातार 37 दिनों से जारी इस अनशन के चलते छात्रों की गिरती सेहत को लेकर परिषद ने गहरी चिंता व्यक्त की है। परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और छात्रों की जायज मांगों पर विचार करने की अपील की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव और महासचिव डॉ. रेहान अहमद ने संयुक्त रूप से कहा कि देश का भविष्य कहे जाने वाले छात्र इतने लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन का इस ओर ध्यान न देना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि परिषद इस मुद्दे को संबंधित उच्च अधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाएगी और जल्द ही इस संबंध में पत्राचार भी किया जाएगा।
इस दौरान परिषद के कई अन्य सदस्य और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह हर स्तर पर छात्रों के साथ खड़ा है और न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
मानवाधिकार संगठन के इस समर्थन के बाद अनशन पर बैठे छात्रों में उम्मीद की एक नई किरण जगी है। अब सभी की निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित विभागों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं और कब तक छात्रों की मांगों का समाधान निकाला जाता है।













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