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Lucknow News: धार्मिक स्थल के सामने कचरे का अंबार, स्वच्छ भारत मिशन के दावों की खुली पोल

Lucknow Nagar Nigam negligence

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्वच्छता व्यवस्था की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जहां एक ओर केंद्र और राज्य सरकारें “स्वच्छ भारत मिशन” को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर स्थिति इन दावों से बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है।

ताजा मामला लखनऊ नगर निगम के ज़ोन 07 अंतर्गत आने वाले इस्माइलगंज, सुरेन्द्र नगर (कमता) क्षेत्र का है। यहां मुख्य मार्ग के किनारे महीनों से कचरे का बड़ा ढेर जमा है, जो अब एक अस्थायी डंपिंग ज़ोन में बदल चुका है। हैरानी की बात यह है कि यह कचरे का अंबार एक धार्मिक स्थल (मस्जिद) के ठीक सामने स्थित है।

प्रतिदिन सैकड़ों लोग इस मार्ग से गुजरते हैं और इबादत के लिए मस्जिद आते हैं, लेकिन उन्हें दुर्गंध और गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम के अधिकारी और सफाई कर्मी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

गर्मी और उमस के इस मौसम में कचरे से उठने वाली बदबू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। इसके साथ ही पास में बह रही खुली नाली और उसमें जमा गंदा पानी मच्छरों के पनपने का बड़ा कारण बन रहा है। इससे डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

स्थानीय नागरिकों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि वे समय पर टैक्स देते हैं, लेकिन बदले में उन्हें गंदगी और बीमारियां मिल रही हैं। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर धार्मिक स्थल और रिहायशी इलाके के पास खुले में कचरा डालने की अनुमति किसने दी। इलाके की तस्वीरें साफ दर्शाती हैं कि यह पूरा क्षेत्र कूड़ाघर में तब्दील हो चुका है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब भी चुप्पी साधे हुए हैं।

स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस कचरे को हटाकर क्षेत्र को साफ और सैनिटाइज नहीं किया गया, तो वे नगर निगम मुख्यालय का घेराव करने को मजबूर होंगे। यह मामला न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन के दावों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

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