Lucknow News: राजधानी लखनऊ में मंगलवार को उस समय हंगामा देखने को मिला, जब वर्ष 2021 में भर्ती किए गए संविदा परिचालक अपनी मांगों को लेकर गांधी प्रतिमा स्थल पर प्रदर्शन करने पहुंच गए। बड़ी संख्या में जुटे परिचालकों ने सरकार और परिवहन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। हालात बिगड़ते देख मौके पर पहुंची पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डेन भेज दिया।
प्रदर्शन कर रहे परिचालकों का कहना है कि वे पिछले करीब पांच वर्षों से लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एलसीटीएसएल) के तहत लगातार सेवाएं दे रहे हैं और शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को संभालने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद अब उन्हें परिवहन विभाग से हटाकर एक निजी कंपनी, एसएस एंटरप्राइजेज, में समायोजित किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
परिचालकों का आरोप है कि यह फैसला उनके भविष्य के साथ अन्याय है। उनका कहना है कि निजी कंपनी के अधीन जाने से उनकी नौकरी की सुरक्षा खत्म हो सकती है, साथ ही वेतन और अन्य सुविधाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है। कई परिचालकों ने यह भी कहा कि उन्होंने अपनी पूरी मेहनत और ईमानदारी से विभाग की योजनाओं को सफल बनाया, लेकिन अब उनके साथ अनिश्चितता का माहौल बना दिया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) या परिवहन विभाग में ही समायोजित किया जाए। उनका कहना है कि अगर विभाग में परिचालकों की जरूरत है तो नई भर्ती करने के बजाय पहले से कार्यरत कर्मियों को ही स्थायी रूप से नियुक्त किया जाए।
मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। फिलहाल, परिचालकों ने सरकार और परिवहन मंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।













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