Lucknow News:राजधानी लखनऊ से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गोमतीनगर विस्तार थाना क्षेत्र की सेक्टर-06 पुलिस चौकी अंतर्गत मलेशेमऊ गांव स्थित पीली कॉलोनी में रहने वाले एक पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसके साथ मारपीट और जानलेवा हमला हुआ, लेकिन शिकायत करने के बाद भी अब तक पुलिस ने न तो उसका मेडिकल परीक्षण कराया और न ही मुकदमा दर्ज किया।
पीड़ित का कहना है कि वह झुग्गी बनाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। आरोप है कि 2 मई की रात कुछ कथित गांजा तस्कर उसकी झुग्गी पर पहुंचे और उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर ओमेक्स बिल्डिंग के पीछे ले गए। वहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने बेल्ट से पीटा और जान से मारने की कोशिश की।
घटना के बाद घायल अवस्था में पीड़ित पुलिस चौकी पहुंचा और पूरी घटना की लिखित शिकायत दी। लेकिन आरोप है कि चौकी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित का कहना है कि चौकी प्रभारी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि मेडिकल परीक्षण थाने से कराया जाता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब पीड़ित ने समय रहते पुलिस को तहरीर दी थी, तो मेडिकल परीक्षण और मुकदमा दर्ज कराने की जिम्मेदारी आखिर किसकी थी?
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि मामला गंभीर होने के बावजूद पुलिस की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि कार्रवाई न होने से आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे उसे लगातार डर और खतरा महसूस हो रहा है।
अब पीड़ित ने पुलिस उपायुक्त पूर्वी से मिलकर न्याय की गुहार लगाने की बात कही है। उसका कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हुई तो वह उच्च अधिकारियों से शिकायत करेगा।जिनमें समय पर कार्रवाई न होने से पीड़ितों का भरोसा कमजोर पड़ता है। अब देखना होगा कि प्रभारी निरीक्षक और उच्च अधिकारी इस पूरे मामले का संज्ञान लेकर क्या कदम उठाते हैं।
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