Lucknow News: लखनऊ के बख्शी का तालाब (बीकेटी) क्षेत्र में उपजिलाधिकारी साहिल कुमार के कार्यशैली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बीकेटी बार एसोसिएशन द्वारा उनके खिलाफ चल रहा धरना प्रदर्शन आज भी जारी रहा। वकीलों का आरोप है कि एसडीएम का रवैया आम जनता और अधिवक्ताओं के प्रति उदासीन और असहयोगात्मक है, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
धरना प्रदर्शन के दौरान बीकेटी बार एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष आशीष कुमार सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी लखनऊ से मिला। इस दौरान उन्होंने उपजिलाधिकारी साहिल कुमार के कार्यों और व्यवहार को लेकर विस्तृत जानकारी दी और एक लिखित ज्ञापन भी सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि एसडीएम अक्सर अपने कार्यालय को अंदर से बंद करके बैठते हैं और जनता से मिलने से भी परहेज करते हैं। इतना ही नहीं, किसी भी प्रकरण की सुनवाई या पत्रावलियों का निस्तारण समय पर नहीं किया जा रहा है।
अधिवक्ताओं ने यह भी बताया कि कार्यालय में कार्य केवल औपचारिकता के रूप में किया जा रहा है और कई मामलों में पेंसिल से नोटिंग कर दी जाती है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की।
इसके साथ ही ज्ञापन की प्रति लखनऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जी.एन. शुक्ला को भी सौंपी गई। उन्होंने जिलाधिकारी से दूरभाष के माध्यम से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी दी और एसडीएम के व्यवहार पर चिंता व्यक्त की। वहीं, सदस्य विधान परिषद पवन सिंह चौहान और अवध क्षेत्र के महामंत्री विजय प्रताप सिंह को भी इस संबंध में अवगत कराया गया।
स्थानीय विधायक योगेश शुक्ला से भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई, जिसमें जिलाधिकारी और बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के बीच बातचीत के बाद एसडीएम साहिल कुमार के स्थानांतरण को लेकर आश्वासन मिलने की बात सामने आई है।
धरना प्रदर्शन में बीकेटी बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हिमांशु द्विवेदी, विनय प्रताप सिंह, संयुक्त मंत्री दुर्गेश सिंह चौहान, पूर्व महामंत्री बलबीर सिंह, अनुज सिंह, सर्वेश यदुवंशी, सोहनलाल वर्मा और विवेक सिंह सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।













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