Lucknow News: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘झटपट पोर्टल’ के जरिए उपभोक्ताओं को त्वरित और पारदर्शी बिजली कनेक्शन देने के दावे अब सवालों के घेरे में हैं। ताजा मामला लखनऊ के मोहनलालगंज डिवीजन का है, जहां एक आवेदक से करीब ₹2.11 लाख की बड़ी राशि जमा कराने के बावजूद दो महीने बाद भी विद्युतीकरण का कार्य शुरू नहीं किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिंगाक्ष सैवी हॉस्पिटैलिटीज प्राइवेट लिमिटेड (संजय सिंह) ने ग्राम माढरमऊ कला में 5 किलोवाट के अस्थाई बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। इसके लिए विभाग द्वारा जारी एस्टीमेट के तहत ₹2,03,605 अन्य शुल्क और ₹4,100 मीटर शुल्क के रूप में जमा कराए गए।
आवेदक का आरोप है कि नियमों के अनुसार भुगतान के तुरंत बाद विभाग को लाइन बिछाने और मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए थी। लेकिन मार्च में भुगतान होने के बाद अप्रैल और अब मई का आधा महीना बीत चुका है, फिर भी मौके पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। इससे झटपट पोर्टल के दावों की हकीकत सामने आ रही है।
यह पूरा मामला मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अमौसी सर्किल और मोहनलालगंज ग्रामीण खंड से जुड़ा हुआ है। उपभोक्ता का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। बड़ी रकम जमा होने के बाद भी काम न होना विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
बिजली कनेक्शन न मिलने के कारण आवेदक का व्यावसायिक काम पूरी तरह प्रभावित हो रहा है और उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरकार की मंशा उपभोक्ताओं को राहत देने की है, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही साफ नजर आ रही है।
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