Lucknow News: लखनऊ स्थित श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय (एसआरएमयू)का बहुप्रतीक्षित दीक्षांत समारोह 22 जुलाई 2026 (“SRMU Convocation 2026”)(बुधवार) को प्रातः 11:00 बजे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर के मार्स ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में जानकारी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति इं. पंकज अग्रवाल और कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी ने हजरतगंज स्थित रॉयल कैफ़े में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी।
कुलाधिपति इं. पंकज अग्रवाल ने मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध और सामाजिक गतिविधियों को मीडिया ने हमेशा प्रमुखता दी है। उन्होंने दीक्षांत समारोह की तैयारियों पर संतोष जताते हुए कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण क्षण होगा।
कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी ने बताया कि इस समारोह में कुल 7,519 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। इसके साथ ही 405 विद्यार्थियों को पदक दिए जाएंगे, जिनमें 232 स्वर्ण और 165 रजत पदक शामिल हैं। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि कुलाधिपति और प्रति-कुलाधिपति के सभी सर्वोच्च पदक छात्राओं को प्राप्त हुए हैं, जो महिला सशक्तिकरण और समान अवसर की दिशा में विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) भूषण पटवर्धन (कुलाधिपति, डेक्कन कॉलेज, पुणे एवं राष्ट्रीय अनुसंधान प्रोफेसर, आयुष मंत्रालय) उपस्थित रहेंगे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में अखिलेश मिश्रा (पूर्व महानिदेशक, आईसीसीआर एवं पूर्व राजदूत) कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों के स्वागत और शैक्षणिक शोभायात्रा से होगी, जिसके बाद दीप प्रज्ज्वलन, वंदे मातरम् और विश्वविद्यालय कुलगीत की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके उपरांत कुलपति स्वागत भाषण और विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे, जबकि मुख्य आकर्षण के रूप में उपाधियों और पदकों का वितरण किया जाएगा।
वर्ष 2012 में स्थापित एसआरएमयू ने मात्र 14 वर्षों में उत्तर प्रदेश के प्रमुख निजी विश्वविद्यालयों में अपनी पहचान बनाई है। वर्तमान में इसके 11 संस्थानों में 12,000 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है।
यह दीक्षांत समारोह न केवल विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि शिक्षा, अनुसंधान और राष्ट्र निर्माण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है। समारोह में विद्यार्थियों के अभिभावक और देशभर के शिक्षाविदों की उपस्थिति अपेक्षित है।



