Lucknow News:उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों में आरक्षण को लेकर एक बार फिर सियासी और सामाजिक बहस तेज हो गई है। आरक्षण में कथित अनियमितताओं के खिलाफ सरदार सेना की आरक्षण बचाओ पदयात्रा प्रयागराज से होते हुए लखनऊ पहुंच गई है। संगठन ने 69 हजार शिक्षक भर्ती समेत कई सरकारी भर्तियों में आरक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए सरकार से निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
26 अगस्त को प्रयागराज के इलाहाबाद विश्वविद्यालय से शुरू हुई यह पदयात्रा कौशांबी, फतेहपुर और रायबरेली होते हुए राजधानी लखनऊ पहुंची। पदयात्रा में सरदार सेना के संस्थापक डॉ. आर. एस. पटेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आरक्षण समर्थक शामिल हुए।
भारी बारिश के बीच भी जारी रही पदयात्रा
पदयात्रा के दौरान कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों का स्वागत किया गया। भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ। इस दौरान आरक्षण के समर्थन में नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने सरकार से आरक्षण व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने की मांग की।
लखनऊ पहुंचने के बाद डॉ. आर. एस. पटेल ने हजरतगंज स्थित बापू प्रतिमा, डॉ. भीमराव आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। इसके बाद संगठन की ओर से मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर आरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों को सरकार के सामने रखा गया।
69 हजार शिक्षक भर्ती को लेकर क्या है आरोप?
सरदार सेना का आरोप है कि 69 हजार शिक्षक भर्ती समेत कई सरकारी भर्तियों में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के आरक्षण अधिकार प्रभावित हुए हैं। संगठन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण के नियमों और रोस्टर को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होनी चाहिए।
संगठन ने मांग की है कि विवादित भर्तियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही आरक्षण रोस्टर को सार्वजनिक करने और विभागवार एवं श्रेणीवार पदों की स्पष्ट जानकारी जारी करने की मांग भी उठाई गई है।
सरकार से क्या-क्या मांगें रखी गईं?
सरदार सेना की प्रमुख मांगों में—
69 हजार शिक्षक भर्ती समेत विवादित भर्तियों की उच्चस्तरीय जांच।
आरक्षण रोस्टर को सार्वजनिक किया जाए।
विभागवार और श्रेणीवार पदों की स्पष्ट जानकारी जारी की जाए।
एससी, एसटी और ओबीसी अभ्यर्थियों के आरक्षण अधिकारों की समीक्षा की जाए।
जांच में अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
अब सरकार के जवाब का इंतजार
प्रयागराज से शुरू हुई आरक्षण बचाओ पदयात्रा के लखनऊ पहुंचने के बाद अब निगाहें सरकार के रुख पर हैं। सरदार सेना ने आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी मांगें सरकार के सामने रख दी हैं।



