Barabanki News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के देवा ब्लॉक अंतर्गत आने वाले ग्राम बबुरिहा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखाती है। यहां ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की कई योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई हैं, जबकि असल लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा।
गांव के लोगों का कहना है कि साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है। नालियां जाम हैं, सड़कों पर गंदगी पसरी रहती है और सबसे बड़ी बात—सफाईकर्मी कभी गांव में दिखाई ही नहीं देते। ग्रामीणों का दावा है कि रिकॉर्ड में भले ही नियमित सफाई दिखाई जाती हो, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। इससे न केवल वातावरण दूषित हो रहा है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय निवासियों में इस लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। सरकारी योजनाओं का लाभ, चाहे वह स्वच्छता से जुड़ा हो या अन्य विकास कार्य, गांव तक प्रभावी तरीके से नहीं पहुंच पा रहा।
हालांकि दिलचस्प बात यह है कि नाराजगी के बावजूद कई ग्रामीण योगी आदित्यनाथ की सरकार के प्रति समर्थन भी जताते हैं। उनका मानना है कि अगर उनकी समस्याएं सही स्तर तक पहुंचें, तो समाधान जरूर निकलेगा। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करे।
यह मामला सिर्फ एक गांव का नहीं, बल्कि उन तमाम ग्रामीण क्षेत्रों की हकीकत को उजागर करता है, जहां योजनाओं का क्रियान्वयन सही ढंग से नहीं हो पा रहा। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस खबर के बाद क्या कदम उठाता है और क्या बबरिया गांव को उसकी बुनियादी सुविधाएं मिल पाती हैं या नहीं।













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