Lucknow News: नवाबों का शहर लखनऊ अब सिर्फ अपनी तहजीब और स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि स्वच्छ हवा के मामले में भी देशभर में अपनी पहचान बना चुका है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के तहत राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) में लखनऊ को देश का नंबर-1 बेस्ट परफॉर्मिंग सिटी चुना गया है। इस शानदार उपलब्धि के लिए शहर को 1 करोड़ 50 लाख रुपये का पुरस्कार मिला है।
नई दिल्ली में मिला सम्मान
यह सम्मान 7 सितंबर को नई दिल्ली के इंदिरा पर्यावरण भवन स्थित गंगा ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में दिया गया। कार्यक्रम में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार समेत नगर निगम के कई अधिकारी मौजूद रहे।
लखनऊ की इस सफलता के पीछे प्रदूषण नियंत्रण को लेकर किए गए कई महत्वपूर्ण प्रयास बताए जा रहे हैं। शहर में कचरा प्रबंधन, सड़क की धूल पर नियंत्रण, इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल और हरियाली बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
1,100 इलेक्ट्रिक वाहनों से कूड़ा कलेक्शन
लखनऊ नगर निगम ने डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के लिए करीब 1,100 इलेक्ट्रिक वाहन लगाए हैं। इन वाहनों की जीपीएस के जरिए निगरानी की जाती है। वहीं ई-वाहनों के संचालन को बढ़ावा देने के लिए 12 चार्जिंग स्टेशन और 916 चार्जिंग प्वाइंट उपलब्ध कराए गए हैं।
सड़क की धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 97 इलेक्ट्रिक मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीनें काम कर रही हैं। इसके साथ ही करीब 559.85 किलोमीटर सड़कों को एंड-टू-एंड पक्का किया गया है।
वार्ड-70 भी बना देश में नंबर-1
लखनऊ की उपलब्धि यहीं खत्म नहीं होती। जोन-4 के वार्ड नंबर 70 ने भी राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया है। 30 हजार से अधिक आबादी वाले वार्डों की श्रेणी में इसे नंबर-1 बेस्ट परफॉर्मिंग वार्ड चुना गया और इसके लिए 50 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया।
ई-बसों और हरियाली पर भी जोर
शहर में फिलहाल 140 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। इसके अलावा वर्टिकल गार्डन, सड़क किनारे हरित क्षेत्र और नदी के आसपास हरियाली विकसित की जा रही है। मियावाकी पद्धति से पौधारोपण के साथ निर्माण मलबे के निस्तारण के लिए 300 टीपीडी क्षमता का प्लांट भी लगाया गया है।
महापौर सुषमा खर्कवाल ने इस सम्मान को पूरे लखनऊ की उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि शहरवासियों के सहयोग और जागरूकता के बिना यह मुकाम संभव नहीं था। लखनऊ की यह सफलता अब दूसरे शहरों के लिए भी स्वच्छ हवा की दिशा में एक मिसाल बनकर सामने आई है।



