Lucknow News: उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित मधुमिता शुक्ला हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह बनी है पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की कथित राजनीतिक सक्रियता, जिस पर पीड़ित परिवार ने गंभीर आपत्ति जताई है। शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला और अमनमणि त्रिपाठी की दिवंगत पत्नी सारा सिंह की मां सीमा सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुरक्षा की गुहार लगाई।
प्रेसवार्ता के दौरान माहौल भावुक रहा। निधि शुक्ला ने आरोप लगाया कि हाल ही में महाराजगंज के नौतनवा विधानसभा क्षेत्र में हुए एक कार्यक्रम में अमरमणि और अमनमणि त्रिपाठी के समर्थन में खुलेआम नारे लगाए गए। उन्होंने कहा कि साल 2003 से उनका परिवार लगातार भय और दबाव के बीच न्याय की लड़ाई लड़ता आया है।
निधि ने मीडिया की भूमिका को भी अहम बताया और कहा कि अमरमणि के जेल में रहने के दौरान मीडिया की वजह से ही मामला जिंदा रहा। लेकिन अब अगर उन्हें दोबारा राजनीतिक संरक्षण मिलता है, तो यह पीड़ित परिवारों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
इस दौरान निधि शुक्ला ने एक बड़ा खुलासा भी किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस पूरे हत्याकांड पर आधारित एक किताब लिखी है, जिसका नाम है ‘मेरी बहन का कत्ल’। यह किताब सितंबर 2026 में प्रकाशित होगी। उनके अनुसार, इसमें कई ऐसे चौंकाने वाले तथ्य और सबूत शामिल हैं, जो अब तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीमा सिंह ने भी सरकार से सख्त रुख अपनाने की अपील की। दोनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘माफिया मुक्त पूर्वांचल’ के संकल्प का हवाला देते हुए कहा कि सरकार को अपने वादे पर कायम रहना चाहिए और किसी भी बाहुबली को राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
गौरतलब है कि 9 मई 2003 को लखनऊ की पेपरमिल कॉलोनी में कवयित्री मधुमिता शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज मामले की जांच पहले सीबी-सीआईडी और फिर सीबीआई ने की थी। निष्पक्ष सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केस को उत्तराखंड के देहरादून ट्रांसफर किया था। बाद में देहरादून की विशेष अदालत, नैनीताल हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने अमरमणि त्रिपाठी और अन्य दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा।प्रेसवार्ता में निधि शुक्ला ने अमरमणि त्रिपाठी की रिहाई और हाल की राजनीतिक गतिविधियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इन घटनाक्रमों ने पीड़ित परिवारों की चिंता एक बार फिर बढ़ा दी है।



