Sitapur News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान दो बीजेपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद देर रात सियासी माहौल गरमा गया। मामले की जानकारी मिलने पर नगर विकास राज्य मंत्री राकेश राठौर ‘गुरु’ आधी रात शहर कोतवाली पहुंच गए। मंत्री के कोतवाली पहुंचते ही बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी वहां जमा हो गए।
देखते ही देखते कोतवाली परिसर में हंगामा शुरू हो गया। समर्थकों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा करने की मांग की।
कोतवाली में भावुक हुए मंत्री राकेश राठौर
इस दौरान राज्य मंत्री राकेश राठौर काफी भावुक नजर आए। कार्यकर्ताओं के बीच अपनी बात रखते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपने जीवन में पहली बार कोतवाली आए हैं।
मंत्री ने कहा कि सत्ता में होना और मंत्री या विधायक बनना कार्यकर्ताओं के सहयोग और पार्टी नेतृत्व के आशीर्वाद से संभव हुआ है। उन्होंने कार्यकर्ताओं के सम्मान और उनके साथ खड़े रहने की बात कही।
उन्होंने कहा कि अगर पार्टी का कार्यकर्ता ही नहीं रहेगा, तो संघर्ष करने का क्या फायदा है। मंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने कभी समाज में भेदभाव की राजनीति नहीं की, लेकिन कार्यकर्ताओं के साथ होने वाली घटनाएं उनके लिए बेहद पीड़ादायक हैं।
पुलिस-प्रशासन पर उठाए सवाल
मंत्री राकेश राठौर ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की थी। उनके मुताबिक, लगातार कार्यकर्ताओं को छोड़ने का आश्वासन दिया जा रहा था, लेकिन कार्रवाई में देरी हुई। उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
‘माफिया को VIP ट्रीटमेंट, BJP कार्यकर्ता को जेल
मंत्री ने आरोप लगाया कि 32 मुकदमों के आरोपी और अतीक अहमद के कथित गुर्गे मुजीब अहमद को प्रशासन द्वारा सम्मान दिए जाने की बात सामने आती है, जबकि बीजेपी के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा है।



